भरत भूषण तिवारी की हत्या के विरोध में सर्व ब्राह्मण समाज कांकेर ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

कांकेर/संतोषगर्ग। बिहार के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार व अन्याय के खिलाफ मुखर रहने वाले श्री भरत भूषण तिवारी की गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में अब छत्तीसगढ़ के कांकेर में भी आक्रोश देखा जा रहा है। जिला कांकेर के ‘सर्व ब्राह्मण समाज’ ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर आघात
सर्व ब्राह्मण समाज कांकेर के पदाधिकारियों का कहना है कि श्री भरत भूषण तिवारी निरंतर समाज में शोषण, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्षरत थे। उनकी इस तरह सरेआम हत्या किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और कानून के शासन पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। समाज ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि यदि न्याय की आवाज उठाने वाले नागरिकों के साथ ही ऐसा कृत्य होगा, तो आम जनता का व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा।
महामहिम राष्ट्रपति और प्रशासन से प्रमुख मांगें:
सर्व ब्राह्मण समाज कांकेर ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया, भारत सरकार और संबंधित राज्य प्रशासन से ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित मांगें की हैं:
समयबद्ध निष्पक्ष जांच: श्री भरत भूषण तिवारी हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर कराई जाए ताकि वास्तविक दोषी बेनकाब हो सकें।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई: घटना में संलिप्त (यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हों) सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पीड़ित परिवार को मुआवजा: पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाते हुए उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए।
सुरक्षा और पुनरावृत्ति पर रोक: भविष्य में सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जाएं।
जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के दौरान सर्व ब्राह्मण समाज कांकेर के प्रमुख सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें पं. सौरभ मणि मिश्र, पं. चंद्रमौली मिश्र, पं. दीपक मुखर्जी, पं. शांतनु भट्टाचार्य, पं. दुर्गेश अवस्थी, पं. महेश दुबे एवं पं. राजेश त्रिपाठी शामिल थे। सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की है।




