सड़कों पर भटक रहे गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं को अनुदान देने शिवसेना ने प्रशासन से की मांग

Editor: Santosh Garg / Jungle_News_Live / Contect: 8878567499
भानुप्रतापपुर। शिवसेना भानुप्रतापपुर इकाई ने स्थानीय प्रशासन से नगर की प्रमुख सड़कों पर आवारा घूम रहे गौवंश के संरक्षण और गौशालाओं की स्थिति में सुधार को लेकर गंभीर मांग उठाई है।
शिवसेना पदाधिकारियों ने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि भानुप्रतापपुर नगर के चारों मुख्य मार्गों (सड़कों) पर लगातार गौ माता बैठी रहती हैं। इसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे वाहन चालक तो चोटिल हो ही रहे हैं, साथ ही गौवंश की भी दर्दनाक और असामयिक मृत्यु हो रही है।
शिवसेना की प्रमुख मांगें:
सड़कों से गौवंश को गौठन भेजना: प्रशासन तुरंत संज्ञान लेते हुए सड़कों पर बैठे गौवंश को सुरक्षित स्थानों व गौठनों में भेजने की त्वरित व्यवस्था करे।
लापरवाह गोपालकों पर कार्रवाई: जो गोपालक अपने गौवंश को सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं, उन पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
गौशालाओं व गौठनों को मिले वित्तीय अनुदान: शिवसेना ने शासन-प्रशासन स्तर पर स्थानीय गौठनों और गौशालाओं को पर्याप्त आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
चारा, भूसा व इलाज की व्यवस्था: वर्तमान में गौशाला समितियां स्वयंसेवक के रूप में बिना किसी सरकारी अनुदान के कार्य कर रही हैं। पर्याप्त बजट और अनुदान न मिलने के कारण वे अधिक संख्या में गौवंश को आश्रय देने में असमर्थ हैं। अतः चारा, भूसा और दवाई की समुचित व्यवस्था हेतु तुरंत अनुदान दिया जाए।
कलेक्टर के आदेशों का हो सख्ती से पालन: हाल ही में जिला कलेक्टर द्वारा आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर जारी किए गए आदेशों का कड़ाई व जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित किया जाए।
शिवसेना ने स्पष्ट कहा कि सरकार केवल कागजों व दिखावे में कार्य न करके वास्तविक धरातल पर गौ-सेवा के कार्य करे। यदि प्रशासन ने इस ओर शीघ्र ही उचित कदम नहीं उठाए, तो शिवसेना जनहित व गौ-रक्षा हेतु उग्र कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।




