आरी डोंगरी लौह अयस्क खदान में नियमों की धज्जियां उड़ा रही ‘गोदावरी इस्पात’, शिवसेना ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
बिना परिवहन पास और रॉयल्टी के फेंका जा रहा वेस्ट मटेरियल,जल-जंगल और जमीन पर मंडराया संकट

कांकेर / भानुप्रतापपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम कच्चे स्थित आरी डोंगरी लौह अयस्क खदान (Ari Dongri Iron Ore Mine) इन दिनों विवादों के घेरे में है। खदान में उत्खनन का कार्य कर रही गोदावरी इस्पात कंपनी पर खुलेआम अनियमितता बरतने, अवैध रूप से जंगलों की कटाई करने और अवैध निर्माण करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस मामले में लगातार शिकायतों के बावजूद शासन-प्रशासन की चुप्पी पर अब सवाल उठने लगे हैं।
बिना परिवहन पास और रॉयल्टी के फेंका जा रहा वेस्ट मटेरियल
ताजा मामले में शिवसेना नेता चन्द्रमौली मिश्र ने प्रशासन के सामने गंभीर तथ्य रखे हैं। उनके अनुसार, गोदावरी इस्पात कच्चे द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति और बिना परिवहन पास (TP) के अवैध रूप से खदान के वेस्ट मटेरियल, डस्ट और धूल को नियमों को ताक पर रखकर यत्र-तत्र फेंका जा रहा है।
सबसे बड़ा आरोप यह है कि कंपनी द्वारा बिना रॉयल्टी चुकाए ही इस वेस्ट मटेरियल को खदान से बाहर ले जाया जा रहा है। इस अवैध खेल के कारण सरकार और क्षेत्र को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व (Revenue) की भारी हानि हो रही है।
जल, जंगल और जमीन पर मंडराया संकट
नियमों को दरकिनार कर डस्ट और वेस्ट मटेरियल को खुले में फेंकने से स्थानीय पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। शिवसेना नेता ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसका सीधा असर स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य और आजीविका पर पड़ेगा।

शिवसेना ने कलेक्टर और मुख्य वन संरक्षक को सौंपा ज्ञापन
इन अवैध कार्यों और पर्यावरणीय खिलवाड़ पर तुरंत रोक लगाने की मांग को लेकर शिवसेना नेता चन्द्रमौली मिश्र ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कलेक्टर कांकेर एवं मुख्य वन संरक्षक (CCF) वन वृत्त कांकेर को ज्ञापन सौंपकर गोदावरी इस्पात के खिलाफ वैधानिक और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि इस खुली अनियमितता पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
Jungle News Live आवाज बस्तर से… एडिटर: संतोष गर्ग




