राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन बने नए महासचिव
ट्रस्ट ने 5 सोने-चांदी की वस्तुएं दिखाईं, इनकी चोरी का दावा था

चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट की पहली बैठक
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट की पहली अहम बैठक आयोजित की गई, जो करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में मौजूदा संकट और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बैठक के बाद कहा:
“चंपत राय ने स्वयं कहा है कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक पद पर रहना सही नहीं है। जो हुआ वह अत्यंत कष्टदायी है और हम सब इससे दुखी हैं। चढ़ावा चोरी एक लज्जाजनक घटना है।”
बैठक में ट्रस्टी के. पाराशरन ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, त्यागपत्र देते ही उसे स्वीकार करने का प्रावधान है, इसलिए इस्तीफा तुरंत मंजूर कर लिया गया। ट्रस्ट की अगली बैठक अब 22 जुलाई को होगी।
कौन हैं नए महासचिव कृष्ण मोहन?
पृष्ठभूमि: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के मूल निवासी।
शिक्षा व करियर: लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी (M.Sc) की पढ़ाई की। 1978 बैच के महाराष्ट्र कैडर के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी रहे।
संघ से जुड़ाव: नागपुर में तैनाती के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और नगर, जिला, प्रांत व क्षेत्रीय संघचालक जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
ट्रस्ट में एंट्री: 2012 में रिटायरमेंट के बाद समाजसेवा से जुड़े। कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद 9 सितंबर, 2025 को उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य चुना गया था।
क्या बोले नए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन?

अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने सख्त लहजे में कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी।
“प्रबंधन की जिन कमियों का फायदा उठाकर यह घटना हुई है, उन्हें तुरंत दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। समाज में जो अविश्वास पैदा हुआ है, हम उसे दोबारा स्थापित करेंगे।”
ट्रस्ट ने साझा कीं 5 बड़ी बातें
स्थिति को स्पष्ट करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वित्तीय और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी 5 प्रमुख जानकारियाँ साझा की हैं:
दान और खर्च का हिसाब: ट्रस्ट को दान के जरिए कुल ₹3,264 करोड़ मिले थे। इसमें से मंदिर निर्माण व अन्य कार्यों पर ₹2,370 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
चढ़ावा राशि की जानकारी: स्थापना से लेकर 31 मार्च 2026 तक श्रद्धालुओं से कुल ₹582 करोड़ की चढ़ावा राशि प्राप्त हुई है। इसमें से ₹391 करोड़ ट्रस्ट के संचालन और अन्य खर्चों में लगाए गए, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।
SIT रिपोर्ट के बाद कार्रवाई: एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट ने ये इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं। इसके अलावा गोपाल नागरकट्टे का नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटा दिया गया है।
भेंट (उपहार) का ऑडिट: नकद के अलावा अब तक श्रद्धालुओं से 2,926 भौतिक भेंटें (सोने-चांदी व अन्य वस्तुएं) प्राप्त हुई हैं। इन सभी का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है और हर साल एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म इसका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करती है।
पारदर्शिता: यदि कोई भी श्रद्धालु अपनी दी हुई भेंट की जानकारी लेना चाहता है, तो वह सीधे अयोध्या आकर ट्रस्ट के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर सकता है।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बताया कि बैठक में कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाने पर सहमति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में अनिल मिश्रा पर कोई चर्चा नहीं हुई। इस अहम बैठक में गोपाल राव को नहीं बुलाया गया था और चंपत राय भी अनुपस्थित रहे, जबकि बाकी सभी ट्रस्टी मौजूद थे।




