गोदावरी इस्पात की अनियमितताओं के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, सांसद को सौंपा ज्ञापन
स्थानीय लोकाधिकार समिति' के नेतृत्व में लामबंद हुए ग्रामीणों ने क्षेत्र के लोकसभा सांसद भोजराज नाग से मुलाकात कर उन्हें एक शिकायती व मांग पत्र सौंपा

भानुप्रतापपुर। गोदावरी इस्पात (आरीडोंगरी, कच्चे) प्रबंधन की कथित अनियमितताओं और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ‘स्थानीय लोकाधिकार समिति’ के नेतृत्व में लामबंद हुए ग्रामीणों ने क्षेत्र के लोकसभा सांसद भोजराज नाग से मुलाकात कर उन्हें एक शिकायती व मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कंपनी पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने और स्थानीय हितों की रक्षा करने की गुहार लगाई है।
🚨 नदियों का पानी हुआ दूषित, पर्यावरण पर गहराया संकट
सांसद को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोदावरी इस्पात प्रबंधन द्वारा पर्यावरण मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खदान से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल (डस्ट) को खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे परिवहन के दौरान और आसपास के समूचे क्षेत्र में धूल का गुबार छा जाता है।इस उड़ती धूल के कारण क्षेत्र की जीवनदायिनी नदियों का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो बस्तर और कांकेर क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन और जनजीवन पर इसका बेहद विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
🌳 लीज की आड़ में पेड़ों की कटाई और फंड में घोटाले की आशंका
ग्रामीणों ने विशेष रूप से ‘वेस्ट डंप’ (कचरा फेंकने) के लिए आबंटित की गई जमीन की लीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है: “प्रबंधन ने लीज की आड़ में बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ों को काट दिया है। हमारी मांग है कि इस लीज को तुरंत रद्द किया जाए और जिन स्थानों पर पेड़ काटे गए हैं, वहां कंपनी से दोबारा सघन वृक्षारोपण कराया जाए।”
इसके साथ ही, समिति ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड के पैसों में भी भारी वित्तीय गड़बड़ी की आशंका जताई है, जिसकी उच्च स्तरीय सूक्ष्म जांच की मांग की गई है।
📋 ग्रामीणों के मांग पत्र के मुख्य बिंदु:
वेस्ट डंप लीज पर रोक: पर्यावरण और वनों को हो रहे नुकसान को देखते हुए कचरा डंपिंग की लीज तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए।
अनिवार्य स्थानीय रोजगार: क्षेत्र के प्रभावित और बेरोजगार युवाओं को योग्यता के आधार पर अनिवार्य रूप से रोजगार प्रदान किया जाए।
अवैध वनों की कटाई की जांच: हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने के मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
प्रदूषण पर नियंत्रण: डस्ट परिवहन और माइनिंग के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए पुख्ता वैज्ञानिक इंतजाम किए जाएं।
सांसद ने दिया कार्रवाई का आश्वासन:
ग्रामीणों की गंभीर समस्याओं और शिकायतों को सुनने के बाद सांसद भोजराज नाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।




