बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) का प्रदर्शन, एसडीएम के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त बोझ, बिजली दरें वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी

Editor/Jungle News Live
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अंतागढ़: प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच बिजली की दरों में की गई वृद्धि को लेकर आम जनता में आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की अंतागढ़ इकाई ने मोर्चा खोलते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम अंतागढ़ के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रेषित कर बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त बोझ
ज्ञापन सौंपते हुए शिवसेना प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश की आम जनता पहले से ही खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से त्रस्त है। ऐसे में भाजपा सरकार द्वारा बिजली बिलों की दरों में भारी वृद्धि करना जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। शिवसेना नेताओं का कहना है कि बिजली की बढ़ी हुई दरों से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। हर वर्ग त्राहि-त्राहि कर रहा है, लेकिन सरकार जनहित के मुद्दों पर संवेदनहीन बनी हुई है।
बिजली दरें वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना (यूबीटी) ने ज्ञापन के जरिए चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार जनता के हित को ध्यान में रखते हुए विद्युत दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस नहीं लेती है, तो शिवसेना आम जनता की आवाज बनकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।




