झमाझम बारिश में भी प्यासा मुंगवाल: ‘हर घर जल’ का ढिंढोरा पीटने वाले प्रशासन की खुली पोल, 2 महीने से पानी सप्लाई बंद
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Editor /Jungle News Live/ Mobile-8878567499
मुंगवाल: बारिश के मौसम में गांव का पानी के लिए तरसना भले ही हास्यास्पद लगे, लेकिन मूंगवाल की कड़वी हकीकत यही है। चारों तरफ पानी ही पानी है, पर नल-जल योजना के तहत लाखों की लागत से बनी पानी टंकी पिछले दो महीने से सिर्फ एक सफेद हाथी बनकर खड़ी है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि पूरे गांव के नलों में पिछले 60 दिनों से धूल उड़ रही है।
कागजी दावों और लापरवाह अफसरों पर फूटा गुस्सा
कागजों पर ‘हर घर नल, हर घर जल’ का ढिंढोरा पीटने वाले नेताओं और अधिकारियों की जमीनी हकीकत मुंगवाल में उजागर हो चुकी है। ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, तो संबंधित विभाग के अधिकारी किस बात की मोटी तनख्वाह ले रहे हैं? दो महीने से सप्लाई ठप होने के बावजूद किसी जिम्मेदार ने मौके पर आकर सुध लेने की जहमत नहीं उठाई।
प्रशासन की घोर लापरवाही से उपजते सवाल:
महामारी का इंतजार: टंकी बंद होने से ग्रामीण असुरक्षित व दूषित पानी पीने को विवश हैं; क्या प्रशासन गांव में किसी जानलेवा बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहा है?
अधिकारियों की चुप्पी: 60 दिनों की लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी जल आपूर्ति बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?
जनता के हक से खिलवाड़: सरकारी बजट खपाने के बाद योजनाओं को लावारिस छोड़ देना अफसरों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जनता के सब्र का बांध अब टूट रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि बंद पड़ी टंकी से जलापूर्ति तुरंत शुरू नहीं की गई, तो गांव की जनता दफ्तरों का घेराव कर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सोए हुए प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।




