छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी : राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर तक माँगे जनता से सुझाव
विवाह, तलाक, संपत्ति अधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में लागू होगा एक समान कानून; ई-मेल और पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे विचार

Editor In Chief/Jungle News Live
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में अपनी औपचारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित कानून को सर्वसमावेशी, व्यावहारिक और सर्वसम्मत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश की आम जनता, प्रबुद्ध वर्ग, कानूनविदों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। नागरिक और संगठन आगामी 15 अक्टूबर तक अपने विचार और सुझाव सरकार के समक्ष दर्ज करा सकेंगे।
UCC लागू होने से क्या बदलेगा?
समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में धर्म और समुदाय से परे सभी नागरिकों के लिए कुछ प्रमुख सिविल विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी। इनमें शामिल हैं:
विवाह और विवाह विच्छेद (तलाक)
उत्तराधिकार और संपत्ति का अधिकार
गोद लेने (Adoption) के नियम
संरक्षणता (Guardianship) और भरण-पोषण
सुझाव भेजने के लिए डिजिटल और सरल प्रक्रिया
नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सुझाव प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और अत्यंत सरल बनाया है। नागरिक सीधे ई-मेल व राज्य सरकार के अधिकृत वेब पोर्टल पर जाकर अपने सुझाव/ विचार भेज सकते हैं :
ई-मेल : Ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
ऑनलाइन पोर्टल: //ucc.cgstate.gov.in/
अंतिम तिथि: 15 अक्टूबर
राज्य सरकार की अपील
शासन स्तर पर जनता से प्राप्त होने वाले सभी रचनात्मक और व्यावहारिक सुझावों का विषय-विशेषज्ञों द्वारा गहन अध्ययन किया जाएगा, जिसके आधार पर कानून का अंतिम प्रारूप (Draft) तैयार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के समस्त नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्धजनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक और दूरगामी नीतिगत निर्णय में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा 15 अक्टूबर से पूर्व अपने सुझाव अनिवार्य रूप से साझा करें I




