भानुप्रतापपुर में कमर छठ (हलषष्ठी) की पूर्व संध्या पर सजा बाजार, खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
माताओं के अखंड व्रत कमरछठ की तैयारी पूरी,पसहर चावल और मिट्टी के खिलौनों की खूब हुई खरीदारी
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भानुप्रतापपुर/संतोष गर्ग: संतान की लंबी उम्र, सुखी जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना का पर्व कमर छठ (हलषष्ठी) को लेकर भानुप्रतापपुर शहर के बाजारों में खासी रौनक देखी जा रही है। पर्व की पूर्व संध्या पर स्थानीय बाजार पूरी तरह सज चुके हैं और पूजन सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। शहर के मुख्य मार्ग, बस स्टैंड परिसर और नया बाजार क्षेत्र में पूजन सामग्री की कई अस्थायी दुकानें सज गई हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

पसहर चावल और कांसी की मांग सबसे अधिक:
कमर छठ के व्रत में हल जुते हुए खेत का अनाज या फल इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसी परंपरा के तहत बाजार में पसहर चावल (बिना हल से उगाया जाने वाला प्राकृतिक चावल), छह प्रकार की भाजियां (चौलाई, कुम्हड़ा, मुनगा, केना आदि), कांसी के फूल, दोना-पत्तल और महुआ की छाल की जबरदस्त मांग बनी हुई है।
मिट्टी के बर्तनों और खिलौनों की खरीदारी:
पूजा के विधान को पूरा करने के लिए छोटी-छोटी मिट्टी की चुकिया (मटकियां) और मिट्टी से बने खिलौनों की भी खूब बिक्री हो रही है। व्रती महिलाएं तालाब या गड्ढे (सगरी) का निर्माण कर छह प्रकार के अनाज और भाजियों से गऊ माता व हलषष्ठी माता की पूजा-अर्चना करेंगी।
व्यापारियों के चेहरे खिले:
त्योहार को देखते हुए नगर के फल, फूल और पूजन सामग्री के विक्रेताओं के चेहरे खिले हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में आज बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल काफी अधिक है। शाम ढलते ही खरीदारी के लिए शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी महिलाएं बड़ी संख्या में भानुप्रतापपुर पहुंचीं। कल तड़के से ही नगर के विभिन्न वार्डों और गांवों में सामूहिक रूप से सगरी बनाकर कथा सुनने और कमर छठ की पूजा-अर्चना का दौर शुरू होगा।





